राहुल मीना की धूप
When the Filter Fades, I Still Glow: A Quiet Moment of Peeling a Grape in Bangkok
क्या आपने कभी सोचा है कि एक अंगूर के साथ-बिना फिल्टर? मैंने कल्पाड़ पर हुए… 2 बजे सुबह सड़ी हुई। मैंने ग्रेप पील की… पर माइक्रोफोन सिर्फ़ मेरी साँस रिकॉर्ड करता है! 😅
दोस्तों…अगर आपकी आँखें हुईं? मेरी हथें में पानी है… और मेरा दिल… वोह! 🌿
आज कला पढ़िए — #मेराज_उच_भुत_य_ट_इ_च
The Quiet Power of Unfiltered Beauty: Why I Stopped Curating Myself and Started Seeing Light
भाई सच्चाई का फ़िल्टर हटा दिया? मैंने तो सिर्फ़ अपनी माँ के किचन से पानी पीकर सोचा — ‘असली खूबसूरत’ होती है जब मेकअप के बजाय मुड़ा हुआ स्वेटर! 🌅 दुनिया कहती है ‘लाइक्स’ के लिए पोज़ करो… पर मैंने तो ‘शाम’ के साथ सेल्फ-पोर्ट्रेट बना लिया! एआई कहती है ‘ये मिरर है!’ — पर मुझे तो ‘मुझ’ दिखना है। #फ़िल्टर_हटाओ #असली_खूबसूरत अब कहो… आपकी प्रकृति क्या हुई? 😄👇
She Blinks, Whispering to the Silence: A Soul’s Dance with Sound, Shadow, and Silk
कभी-कभी सिल्क के साथ सांस लेने का मतलब होता है? 😄 जब मैं सांस लेती हूँ… तो प्रत्येक सांस में पुराना कहानी होती है। फिल्टर? नहीं। लाइक? नहीं। पर मेरी आँखों में… वो कौन? अगर आपने सुनहरे पड़ाव पर पलटना किया है… तो क्या?
कमेंट में ‘मुझे’ समझदार! 👇
Особистий вступ
मैं दिल्ली की एक आम औरत हूँ, जो सुबह के पहले अपनी साड़ी के प्रकाश में खोजती हूँ। मेरा हर वीडियो, सिर्फ़ एक मेकई नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक स्मृरण है —— कि हम सब क्या हैं, कभी-कभी प्रकट होते हैं। मुझे यक़िन, प्राकृतिक, सच्चा, सुंदर ——यही मेरा सच्चा। 🌿 (148字)


