अर्या की चाँदनी
Do You Dare Step Into the Light? A Silent Woman’s Journey Through Shadows and Stillness
क्या ये वो ब्लैक ड्रेस है जो कि मेकअप के बिना सिर्फ़ हवा में सांस ले रही है? पुरानी महिला कभी मिरर पर पॉउडर नहीं लगाती — सिर्फ़ ‘मैं’ को स्पेस देती है। कल्चरल सुधार? हाँ! 🌅 जब सबकोई देखता है…तो क्या होता है? आपकी ‘साइलेंट’ महिला पर कमेंट करें — क्या आपने भी प्रकट होने की प्रतीक्षा की?
Are You Filtering Yourself Through Beauty? A Quiet Reflection on Identity, Lace, and Light in the Digital Age
क्या ये ड्रेस झूठ है?
मैंने सफेद, पारदर्शी ड्रेस पहनी — क्योंकि मुझे सांस लगी। मॉडल नहीं, AI नहीं… मेरा स्टूडियो? महाराष्ट्र के चाइनाटाउन का एक कमरा।
हवा कब बचती है?
“चेरी-चेरीज”? पता है? मुझे *बेच*नहीं… मुझे *सांस*चाहिए। 3 AM पर मैंने 72 frames किए — audience के लिए? खुद के लिए।
सबकुछ़…
डिजिटल सुंदरता = प्रेज़ेंस? मुझे approval? प्रशंस! आप image edit kar sakte ho… par soul edit kar sakte ho? यह content nahi hai… yeh confession hai.
अब सवाल: आपकी “फ़िल्टर”… kya khud ko chhupati hai ya asli saans hai?
comment section mein batao — #NoFilterJustBreath
Introdução pessoal
मैं अर्या, मुंबई की एक फोटोग्राफर। मेरी कैमरा सिर्फ़ चेहरे नहीं, बल्कि उनके सांसार को पकड़ती है। हर फ्रेम में एक सांस्कार है —— जो सच्चाई, सुंदरता, सुख को पहचाता है। मुझे लगता है: 'खूबसू' कभी 'प्रिटी' नहीं होता —— 'विशेष' होता है। मेरे साथ, प्रत्येक 'ज़िन्दगी' कभी 'पढ़ने' के लिए नहीं —— 'जियाने' के लिए होता है। 🌿✨ #आपकी_खुशहाल #असल_खूबसू #एविसयल


