चाँदनी की बूँदें
A Quiet Alchemist’s Golden Hour: Navigating Skin, Silk, and Stillness in Brooklyn
ये फोटो किसी के ‘बूटी’ के लिए नहीं… ये तो माँ के हाथों की सूती की सांस है! 🌅 जब सुबह का प्रकाश परदर में चुन्नी में घुलता है… हमने सीखा: सुंदरता ‘लाइक’ में नहीं, ‘याद’ में होती है। डिजिटल फिल्टर? पुराना पगड़ि। यहाँ ‘अल्केमिस्ट’? मैं। क्या आपके पास भी है… कोई एक फ्रेम?
#एक_फ्रेम_सबसे_ज़्यादा_स्पर्श_करता_है?
(पढ़िए-भावनगरि) ❤️
The Silent Elegance of Lace and Shadow: A Carina Moment in Black and White
अरे भाई! क्या ये ‘लेस’ है कि ‘लिस’? पहले सोचा कि इसमें मैंने कुछ महंगी मसाला बेचने की कोशिश की… पर असल में तो सिर्फ़ साया है — जिसमें मुड़ी हुई प्यार। स्किन पर पड़ी हुई ‘क्रव’… मतलब? एक फ्रेम।
जब मैंने कभी ‘फ़िल्टर’ का सपना देखा — सोचा ‘ग्लिटर’… पर हुआ क्या? ‘ज़ियाद’।
तुम्हारी ‘हार्ट-सीड-रिपर’?
हमदमद! 🤫
ये सबकुछ ‘एक’…
तुम ? 😌
Comment section mein koi bata hai kya chhup ke liya?
자기 소개
मैं दिल्ली की एक साधारण लड़की हूँ, जो मेरे कैमरे में सुबह की पहली किरणें और सड़क पर उतरते हुए बालों का प्रतिबिम्ब पकड़ती हूँ। मुझे नकले का मतलब पसंद है, ना स्किन। मैं हर फ्रेम में सच्चाई को पकड़ना चाहती हूँ — क्योंकि सुंदरता, सिर्फ़ मेकअप में नहीं, हमारे साँसों में होती है। —— #आईवीसिएल #RealBeautyInEveryFrame


