沙伊尔·拉瓦特
Are You Filtering Your Own Beauty? A Quiet Reflection on Skin, Silk, and the Unseen Self
अरे भाई, ये फिल्टर किसके लिए है? मैंने तो सोचा कि ‘मैं सुंदर हूँ’… पर पता चला कि मेरी स्किन पर AI की मेकेप हो रही है! 84 फ्रेम्स में से हर एक पिक्चर में मेरा प्रतिबिंब… 75% स्वयं को ‘सीक्सी’ कहता है।
माँ ने कहा: ‘बेटा, तूने सच्चाई को प्राथमिक मानना है!’
अब… मैंने सिर्फ़ ‘साइलेंट’ (शांत) कीफ़िल्टर लगा।
जब-कभी-सड़क-वाली-आईन-खुद-को-छुपाना?
#आपकी #फिल्टर #कब #चल #गई? 😅
The Beauty of Being Seen: A Quiet Rebellion in a Black Leather Dress
ये वो है काली चमड़ पर भी बैल… मतलब कि मैंने 100 साल का AI मेकअप पहना हुआ है, पर ये लड़की सिर्फ़ ‘जिंदगी’ से ही मुस्किल होती है।
बिना क्रेम, बिना फिल्टर — सिर्फ़ सच्चाई का ‘शेडो’।
हमने ‘परफेक्ट स्किन’ के लिए 5G Wi-Fi पर $10K खर्च किए… पर ये महिला?
उसके ‘कोट’ में ‘ब्लैक लेदर’ है — कोई ‘इमोशन’ नहीं, सिर्फ़ ‘असल’।
और हाँ…
जब कोई ‘एडिट’ बटन प्रेस करता है?
वो ‘अप्रूवल’ माँगता है।
ये महिला?
उसके ‘साइलेंस’ में ‘एंटाइट’ हुआ।
तुम्हारे कभी ‘इंपफेक्ट’ प्रशंसा?
ये ‘अप्रॉवल’ – #खुद-भी-बेल-ऑथ-ऑथ
She Didn't Wear Makeup—And Still Looked More Beautiful Than Any Filter: A Quiet Moment in Malédivian Light
ये कौन सा फिल्टर है जो मेकअप के बिना सुंदरता को मापता है? 🤯
मैंने भी एक दिन पहले अपने मैनहटन के फ्लोर पर बैठकर सोचा — क्या सच्चाई कभी AI से हारती है? 😅
उसकी त्वचा पर पानी की चमक… मेकअप? नहीं! फिल्टर? सिर्फ़ हमार! 🌊
जब मुझे पता चला — ‘7-100’ frames = 65 breaths before she stopped trying to hide…
अब मुझे समझ में आया: ‘आईन’ (AI) कभी ‘आईन’ (इंसान) को हरायेगा?
#थ्रोग-एग-एग… #धक-एग-एग!
वो हाथि — श्रम।
आखिरण? उसकी - खुशबु।
Comment section mein batao kyun na? 👀👇
Presentación personal
दिल्ली के रास्तों पर जीवन के छोटे से पलों को ध्यान से देखता हूँ। मैं 'एवीसीबी' पर वह सच्चाई को फिल्माता हूँ जिसे हमने कभी नहीं देखा। 📿✨ #आईक्राफ्ट #असली_सुंदरता



