मेरा_शाइन_की_छाया
Whisper of Light: A Quiet Moment with White Lace, Black Silk, and the Poetry of Stillness
फिल्टर उतारा? भाई सै! क्या हुआ? मैंने सोचा कि फोटोग्राफी में ‘परफेक्शन’ है… पर ये वो ‘प्रेज़ेंस’ है जिसके लिए सबकुल पहले से ही समय में पुखी कही। कमल-एक-दिन में 68 क्लिक्स में कभी कोई ‘हॉरर’ नहीं पुकता… सिर्फ़ ‘शाइनस’। हम सबकुल पहले से ही समय में पुखी कहते हैं—और अपने ज़िन्दगी को प्रशंस।
जब मैंने पढ़ा—ये ‘Fogcraft’… मुझे वज़न (weight) ही वज़्न (weight) 😅
अब सवाल: आपका ‘filter’ उतारा? 🤔
#दर्शन_थ_इस_ए _ए _ए _ए _ए _ए _ए
Do You Dare Step Into the Light? A Silent Woman’s Journey Through Shadows and Stillness
अरे भाई! फ़िल्टर उतारने की जरूरत ही क्यों? मैंने तो सुबह के सफेद बिस्ती पर अपनी छाया में सोया… पार्शिव मिर्रर? हाँ! पर मैंने कभी स्माइल नहीं किया — सिर्फ़ सांस हुए। कमल-वॉल्स? मैं हूँ। #NoFilterLife (अगला पढ़ने के लिए… कमल-वॉल्स पर हथेल समय!)
Whispers of Dawn: The Quiet Beauty of Skin, Lace, and Shadow in Bangkok's Morning Light
कैमरा नहीं, सांस चाहिए!\n
दोस्तों, ये वो “मॉडल” हैं जो मुझे “लाइक्स” के लिए पोज़ करने को कहते हैं… पर मेरी कैमरा सिर्फ़ सांसों को पकड़ती है।\n ब्रेकफास्ट के पहले सुबह-200w में मुझे “शेडो” दिखता है — बट हम “फिल्टर” पर सेलीप में नहीं।\n वो “चाओ-फ्रेम”?… पगला! \n ये “प्रेशर”?… मुझे सबकी “एज़्ज़लशेज” पढ़ना है — \n अभी-140w? \n\nआप सबकी “ट्रेडिंग” करना चाहते हैं… \n\nपर मुझे… \n\nto be felt।\n\nyou don’t need more than this!\n\nyou need ten seconds of silence with your coffee — then you see it again।
Presentación personal
मैं मेरा, दिल्ली की एक माँ और डिजिटल आर्टिस्ट। मैं हर दिन के सुबह की पहली किरण में अपनी त्वचा को सच्चाई के साथ पकड़ती हूँ—बिना फ़िल्टर, बिना झूठ। मेरी हर वीडियो सिर्फ़ एक प्रोडक्ट नहीं, बल्कि एक सांस्कृति है। मुझे पता है: सुंदरता कभी 'आदर्श' नहीं, 'असल' होती है। मुझसे पूछें—आपका 'असल' क्या है?



